प्रस्तावना
आजकल एक प्रकार की बुद्धि के बदले बहुत से प्रकार की बुद्धियों की बात की जा रही है। इस विचार को बुद्धि की चर्चा के केंद्र में लाने का श्रेय हार्वर्ड गार्डनर को जाता है। इससे पहले अन्य मनोवैज्ञानिकों ने भी बुद्धि के सिद्धांत दिए हैं जिनमें से बिने(बुद्धि का एक कारक सिद्धांत) , स्पियरमेन(द्विकारक g तथा s factor), थार्नडाइक(बहुकारक सिद्धान्त), थर्स्टन(ग्रुप तत्व सिद्धान्त),गिल्फोर्ड(त्रि आयामी बुद्धि का सिद्धांत)
हावर्ड गार्डनर एक अमेरिकन मनोवैज्ञानिक हैं,जिनका जन्म 11जुलाई1943 को हुआ था।इन्होंने 1983 में बहुबुद्धि सिद्धांत दिया ।
इस सिद्धांत में इन्होंने आठ प्रकार की बुद्धों की चर्चा की और कहा कि आगे और
भी प्रकार की बुद्धि खोजी जा सकती है। गार्डनर का मानना था कि कोई भी व्यक्ति इन
मुद्दों में से कुछेक पर ही उत्कृष्ट हो सकता है शेष पर भी उतना ही हो ऐसा आवश्यक नहीं है।
इनका यह भी मानना था कि किस प्रकार की बुद्धि को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। यह
सांस्कृतिक कारकों पर निर्भर करता है। जैसे कृषि प्रधान समाज में प्राकृतिक बुद्धि
को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। इसी प्रकार तकनीकी प्रधान समाज में गणितीय बुद्धि को
महत्व दिया जाएगा गार्डनर कर अनुसार बुद्धि की उपस्थिति जन्मजात होती है तथा इन
क्षमताओं का विकास वातावरण में ही होता है जहाँ बालक समस्याओं का समाधान तथा समाज
के लिए उपयोगी कार्यों का सृजन करता है।
इस सिद्धांत की तीन
मान्यताएँ हैं
1.बुद्धि केवल एक नहीं
बल्कि बुद्धि अलग अलग प्रकार की होती हैं जिनका आपस में प्रत्यक्षतः कोई संबंध
नहीं होता।
2. बुद्धि के प्रकार एक दूसरे से अलग तथा स्वतंत्र
होती है अर्थात यदि किसी व्यक्ति में एक प्रकार की बुद्धि अधिक विकसित है तो यह
आवश्यक नहीं कि वह अन्य प्रकार की बुद्धि में भी निपुण हो।
3. सभी अलग अलग प्रकार की बुद्धि आपस में परस्पर
अंतर्क्रिया करती है जिससे समस्या का समाधान किया जाता है।
गार्डनर द्वारा दिये गए बुद्धि के सिद्धांत हैं
1.भाषायी बुद्धि(Linguistic Intelligence)
2.तार्किक गणितीय बुद्धि(Logical Mathematical Intelligence)
3.स्थानिक बुद्धि(spatial intelligence)
4.शारीरिक गतिक बुद्धि(Body Kinesthetic Intelligence)
5.सांगीतिक बुद्धि(Musical Intelligence)
6.व्यक्तिगत आत्मन बुद्धि/ अन्तरावैयक्तिक बुद्धि(Intera personal Intelligence)
7.व्यक्तिगत अन्य बुद्धि/ अंतर्वैयक्तिक बुद्धि (Interpersonal Intelligence)
8.प्रकृतिवादी बुद्धि(Naturalistic Intelligence)
9.अस्तित्ववादी बुद्धि(Existential Intelligence)
★ज्योत्सना स्नेही★