भाषागत बुद्धि और तार्किक - गणितीय बुद्धि

भाषागत बुद्धि:-(भाषा उत्पादन और उपयोग करने की योग्यता) यह अपने विचारों को प्रकट करने तथा दूसरे व्यक्तियों के विचारों को समझने हेतु प्रवाह तथा नम्रता के साथ भाषा का उपयोग करने की क्षमता है|जिन व्यक्तियों में यह बुद्धि अधिक होती है वे शब्द कुशल होते हैं|ऐसे व्यक्ति शब्दों के भिन्न अर्थों के प्रति संवेदनशील होते हैं, अपने मन में भाषा के बिंबों का निर्माण कर सकते हैं और स्पष्ट तथा परिशुद्ध भाषा का उपयोग करते हैं|लेखकों तथा कवियों में यह बुद्धि अधिक मात्रा में होती है|उदाहरण- कुमार विश्वास, रामधारी सिंह दिनकर, सुमित्रानंदन पंत, कबीर, तुलसीदास, इत्यादि| 
तार्किक-गणितीय बुद्धि:- (तार्किक तथा आलोचनात्मक चिंतन एवं समस्याओं को हल करने की योग्यता) इस प्रकार की बुद्धि को अधिक मात्रा में रखने वाले व्यक्ति तार्किक तथा आलोचनात्मक चिंतन कर सकते हैं|वे अमूर्त तर्कना कर लेते हैं और गणितीय समस्याओं का हल के लिए प्रतीकों का पहचान अच्छी प्रकार से कर लेते हैं|वैज्ञानिकों तथा नोबेल पुरस्कार विजेताओं में इस प्रकार की बुद्धि अधिक पाई जाने की संभावना रहती है|उदाहरण-डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ मनमोहन सिंह, आर्यभट्ट, श्रीनिवास रामानुजन इत्यादि|

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